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84 कुटिया : ऋषिकेश में दूसरा सबसे बड़ा पर्यटक स्थल .. क्यों है इतना प्रसिद्ध? जानिए

84 कुटिया

हाल ही में राज्य सरकार द्धारा ऋषिकेश में स्थित “84 कुटिया” पर्यटकों के लिए खोल दिया गया है। 84 कुटिया से जहाँ ऋषिकेश के लिए यात्रियों का जमावड़ा शुरु हो जाएगा। वहीं जिले के राजकोष में भी वृद्धि होगी। पर क्या आप जानते हैं 84 कुटिया के पीछे की कहानी?

हिंदू मान्यताओं के अनुसार धरती पर 84 लाख प्रजातियाँ हैं और इन्हीं 84 लाख योनियों में भटकने के पश्चात ही मनुष्य योनि में जन्म होता है। हिन्दू धर्म के इन्ही मूलभूत सिद्धांतों से ऋषिकेश में स्थित 84 कुटिया की स्थापना महर्षि महेश योगीजी ने की । वर्ष 1960 में जब योगीजी इस स्थान के भ्रमण पर निकले तो उन्हें इस पावन क्षेत्र से मंत्रमुग्ध हो गए। उन्होंने तत्कालीन उत्तरप्रदेश सरकार से 40 वर्षों के लिए यह स्थान पट्टे पर लिया तथा यहाँ एक भव्य आश्रमों की स्थापना की।

84 कुटिया में वास्तुकला का बेजोड़ नमूना देखने को मिलता हैं। यहाँ गुंबद नुमा कुटिया जो कि इस आश्रम का सबसे अद्भुत आकर्षण है, के अलावा, शिव मंदिर, छापा खाना तथा ध्यान शिवरों के अवशेष देखने को मिलते हैं। साठ के दशक में यह आश्रम ख्याति प्राप्त करने लगा था। पर 84 कुटिया को सबसे ज्यादा प्रसिद्धि “बीटिल्स” एक अमेरिकन म्यूजिकल बैंड से मिली। क्लिक करें।



कहते हैं कि साठ के दशक में ये अमेरिकन म्यूजिकल बैंड ध्यान और शांति की खोज में वर्ष 1967-68 में भारत आया था। तब भटकते हुए वे महर्षि योगीजी के संपर्क में आए। वे योगीजी से इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने यहाँ रुक गए। हलाँकि वे महज एक महीने तक इस आश्रम में ठहरे मगर इस दौरान उन्होंने काफी गाने लिखे। लेकिन वे ज्यादा दिनों तक इस वातावरण में रह नहीं पाए और वापस अपने देश लौट गए।

84 कुटिया“बीटिल्स म्यूजिकल बैंड” के इस आश्रम में रहने के कारण आज यह 84 कुटिय‍ा “बीटिल्स आश्रम” से प्रसिद्ध है। इस आश्रम को स्थिरता देने के बाद महर्षि महेश योगीजी पश्चिमी देश यूरोप में स्थांतरित हुए। उनके जाने के पश्चात 1990 तक यह आश्रम चलता रहा । मगर उसके बाद यह परित्यक्त हो गया। धीरे-धीरे जब गुजरा तो यह स्थान खंडर में तबदील हो गया और वर्ष 2000 को उत्तर‍खंड स्थापना के बाद यह स्थान पुनः वन विभाग को दे दिया गया।

राज्य स्थापना के बाद यह स्थान खंडहर पड़ा रहा मगर राजाजी राष्ट्रीय उद्यान के प्रबंधकों द्धारा इस स्थान का पुनः जीर्णोद्धार किया गया तथा पर्यटन के लिए खोला गया। आज यही “84 कुटिया” “बीटल्स आश्रम” के नाम से प्रसिद्ध है।

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Deepak Bisht

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