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IAS Deepak Rawat | एक आईएएस यूटूबेर की कहानी | Story of an IAS YouTuber

IAS Deepak Rawat
IAS Deepak Rawat

Story of an IAS YouTuber | एक आईएएस यूटूबेर की कहानी | IAS Deepak Rawat 

ये कहानी है उत्तराखंड के एक आईएएस अफसर कि है । जो अपने कार्यों से सुर्खियों में रहते है। और जिनकी गिनती देश के तेज़तर्रार अफसरो में होती है। अपने अनोखे अंदाज में छापे मारने से ये सुर्खियों में छाये रहते है।  कभी छापे मार के, तो कभी गाना गाकर। इन्हीं कामों की वज़ह से वे लोगों के पसंदीदा अधिकारी बने हुए है। इतना ही नही आईएएस दीपक रावत की पॉपुलैरिटी इतनी है कि फ़ेसबुक पर उनके नाम के फैन क्लब तक बना हुआ है। वहीँ उनके यूट्यूब चैनल दीपक रावत आईएएस पर 2 मिलियन से भी अधिक लोग उन्हें सब्सक्राइब कर चुके हैं।  डीएम दीपक रावत जहाँ भी जाते है लोगों से उन्हें भरपूर प्यार और आशीर्वाद मिलता है जिसके ऐसे असर से वह घूसखोरों भ्रष्टाचारियों के लिए एक बड़ी आफ़त बने हुए है।


*आईएएस दीपक रावत का जन्म और स्कूली शिक्षा* | * Birth and schooling of IAS Deepak Rawat *

आईएएस दीपक रावत का जन्म 24 सितम्बर 1977 में हुआ था। वह मूलरूप से भारत के सबसे लोकप्रिय हिल स्टेशनों में से एक मसूरी के रहने वाले है। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा मसूरी के St. Georges Collage से की। जब उन्होंने माध्यमिक कक्षाओं (11वीं और 12वीं) में प्रवेश लिया तो अभिकांश बच्चे NDA परीक्षा देकर या इंजीनियर बनने के लिए व भारतीय सेना में भर्ती होने के लिए उत्सुक थे। जबकि दीपक रावत ने खुद को इन में से किसी भी शिक्षा के लिए उत्सुक नहीं पाया। 12वीं कक्षा उत्तीर्ण करने के बाद, वह अपनी उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए दिल्ली चले गए थे।

दीपक रावत ने अपना ग्रेजुएशन दिल्ली विश्वविद्यालय के हंसराज कॉलेज से किया, इसके बाद उन्होंने इतिहास विषय में पोस्ट ग्रेजुएशन JNU से किया और साथ ही इसके दौरान UPSC परीक्षा की तैयारी भी शुरू कर दी।

दीपक को UPSC परीक्षा के बारे में उत्तराखंड के एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी अनिल कुमार रतूड़ी से पता चला, जिन्होंने उत्तराखंड के डीजीपी के रूप में भी कार्य किया। अनिल कुमार रतूड़ी, मसूरी में दीपक रावत के निकटतम पड़ोसियों में से एक थे।

इसके बाद उनके पिता ने उन्हें बताया कि अब जब वह इतना पढ़-लिख चुके है तो अब परिवार से उन्हें कोई पॉकेट मनी प्राप्त नहीं होगी और दीपक को खुद के लिए कमाने का सुझाव दिया। पोस्ट-ग्रेजुएशन के बाद, उन्होंने जेआरएफ के लिए आवेदन किया, और 2005 में वह जेआरएफ के लिए चुने गए थे। जेआरएफ परीक्षा को पास करने के बाद, उन्हें वजीफे के रूप में 8000 रुपये महीने मिलने लगे।

UPSC परीक्षा के अपने पहले दो प्रयासों में उन्हें सफलता नहीं मिली। हालांकि तीसरी बार में दीपक ने UPSC एग्जाम पास कर लिया था। उनकी ट्रेनिंग लाल बहादुर शास्त्री *National Academy Of Administration* मसूरी में हुई। IAS अफसर बनने से पहले वो कुमाऊँ विकास मंडल में मैनेजिंग डायरेक्टर भी रहे चुके है।

एक साक्षात्कार में IAS दीपक रावत ने बताया कि युवावस्था में दीपक को पत्रकार बनने का बहुत शौक था। उन्होंने मीडिया के क्षेत्र के प्रति अपने प्यार के बारे में यह कहते हुए खुलासा किया कि जब वह सिविल सेवाओं की तैयारी कर रहे थे, तब उन्होंने पत्रकारिता को अपने बैकअप करियर के रूप में रखा था।

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*आईएएस दीपक रावत का वैवाहिक जीवन* | * IAS Deepak Rawat’s Marital Life *

कहते है कि जब वह JNU में पढ़ाई कर रहे थे तो उन्हें एक पत्र मिला जिस पर लिखा था “तुम मुझे बहुत अच्छे लगते हो” दीपक रावत को लगा कि शायद ये उनके दोस्तों ने उनके साथ मज़ाक किया। कुछ दिनों बाद जब उन्होंने दोस्तों से पूछा तो सब ने मना कर दिया, तब दीपक रावत ने पता लगाया कि आख़िर किसने उन्हें ये पत्र भेजा होगा, तब ही कुछ दिनों बाद उन्हें पता चला कि किसी लड़की ने ये पत्र उनके दरवाजे के पास रखा था। आज वह लड़की उनकी धर्मपत्नी है उनकी पत्नी का नाम विजिता है जो कि शादी से पहले कॉलेज के बाद एक वरिष्ठ न्यायिक अधिकारी बन गई । और दिल्ली में पटियाला हाउस कोर्ट में मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट के रूप में कार्य भी कर चुकी है। और आज उनके दो बच्चें है, एक लकड़ा और एक लड़की।


*आईएएस दीपक रावत को मिलने वाले राष्ट्रीय सम्मान* | * National Award to IAS Deepak Rawat *

2019 में राष्ट्रीय पोषण मिशन अभियान में बेहतरीन कार्य करने पर आईएएस दीपक रावत को दिल्ली में राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया। यह पुरस्कार केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने दीपक रावत को स्मृति चिन्ह और प्रशिस्त पत्र देकर किया। दीपक रावत ने यह सम्मान आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को समर्पित किया।

दीपक रावत 2012 के बैच के IAS अधिकारी है जो कि वर्तमान में हरिद्वार में डीएम के पद पर है। इससे पहले दीपक रावत नैनीताल के डीएम थे। और उससे पहले दीपक रावत कुमाऊँ विकास मंडल के MD रह चुके है।


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