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Bisurital Chopta Complete Travel Guide in hindi | बिसुरीताल यात्रा गाइड

Bisurital

बिसुरीताल | Bisurital

चोपता तुंगनाथ में घूमने की बहुत सी जगह हैं।  जो सड़क मार्ग के कुछ ही किलोमीटर नजदीक हैं। बहुत से ऐसे ट्रेक हैं जहाँ आप घूम चुके होंगे जैसे देवरिया ताल ट्रेक, रोहणी बुग्याल ट्रेक या तुंगनाथ ट्रेक।  मगर कभी आपने चोपते में देवरिया ताल के अलावा मौजूद एक अन्य  ताल / झील के बारे में नहीं सुना होगा । उत्तराखंड में बहुत सी ऐसी जगह हैं जहाँ अभी भी एक्स्प्लोर नहीं किया गया है।  जैसे टिहरी में स्तिथ सहस्त्रताल वैसे ही रुद्रप्रयाग के चोपता में स्तिथ एक ताल ऐसा है जो लोगों की नजरों से ओझल है।  इस ताल का नाम है “बिसुरीताल” । इसका लोगों से दूरी का प्रमुख कारण है लोगों की पहुँच से दूर होना है। आखिर कहाँ है बिसुरीताल और क्या है इसके किस्से ये तमाम चीजें इस पोस्ट में बताई जाएँगी।

 

कहाँ है बिसुरीताल ? | Where is Bisurital?

 

बिसुरीताल उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में है। जिसकी ऊंचाई समुद्रतल से 4100 मीटर है। जो की यह चोपता से  60 किलोमीटर के ट्रेक पर स्तिथ है। हरे भरे घने जंगल, संकरे मार्ग, नदी की घाटियों, झरनों और अल्पाइन घास के मैदान  साथ-साथ मार्ग में वन्य जीवन की मनोरम झलकियां बिसुरीताल ट्रेक को और खूबसूरत बनाती हैं। यह सम्पूर्ण ट्रेक केदारनाथ वन्यजीव अभ्यारण्य से होकर गुजरता है।  जो की एक वन आरक्षित क्षेत्र है। सबसे ऊंचाई पर ताल होने के कारण और यातायात के अन्य मार्ग से दूर होने के कारण बिसुरीताल लोगों की पहुँच से बहुत दूर है। यह ताल किसी भी ट्रेकर के लिए एक चुनौती है क्यूंकि चोपता के दोनों छोरों से इसकी दूरी 30 किमी है।  ये दोनों छोर चोपता तुंगनाथ का मार्ग है या चोपता-देवरियाताल मार्ग इन दोनों जगहों से ही बिसुरीताल पहुंचा जा सकता है। ये काफी कठिन, लम्बा एवं सुनसान ट्रेक है जो केदारनाथ वन्य जीव अभ्यारण्य से गुजरता है  इसलिए इसे बिना लोकल गाइड के पार करना बेवकूफी है।

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बिसुरीताल में क्या है खास?| What is special about Bisurital?

 

बिसुरीताल प्रकृति की गोद में स्तिथ एक सुन्दर झील है।  यह ताल बिसुरीधार की चोटी  पर है। उत्तराखंड में धार का मतलब है ऊंचाई पर स्तिथ एक ऐसी जगह जिसे नदी के दो मुहानों द्वारा काटा गया हो।  यहाँ से नदी द्वारा बनाई गयी घाटी को साफ साफ देख सकते हैं।  हालाँकि बिसुरीताल  झील ज्यादा बड़ी नहीं है यह एक छोटा सा तालाब है जो गर्मियों में बर्फ के पिघल जाने पर बनता है।  बिसुरीधार से मंदाकनी घाटी का नजारा देखते ही बनता है। बिसुरीताल ट्रेक पर आपको प्रकृति की सुन्दर छटा का आनंद मिलेगा। केदारनाथ वन्य जीव अभ्यारण्य में स्तिथ होने के कारण आपको कई दुर्लभ जीव देखने को मिल सकते हैं। जिसमे हिमालयन तेहर, कस्तूरीमृग, मोनाल, हिम तेंदुआ, जंगली बिल्ली आदि बहुत से दुर्लभ जंतु शामिल हैं।  इसके आलावा आप को सुंदर पक्षियों के झुण्ड भी  देखने को  मिल सकते हैं। बिसुरीताल ट्रेक में आपको मैदान, झरने और नदी की घाटियां भी देखने को मिलेंगी। जो मनुष्य के द्वारा अनछुए इस नजारे में स्वर्ग सा आनंद महसूस कराएंगी।

 

बिसुरीताल के पानी में छुपे औषधीय गुण | Medicinal properties hidden in Bisurital water

 

बिसुरीताल ट्रेक से जुड़े स्थानीय लोगों का मानना है कि बिसुरीताल के पानी में कई औषधीय गुण छुपे हैं। इसके पानी में जो एक बार नहा लेता है उसे त्वचा सम्बन्धी रोगो से छुटकारा मिल जाता है।  हालाँकि ये बात किस हद तक सही है इसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। मगर औषधीय विज्ञानं को देखा जाए तो उत्तराखंड के मध्य हिमालय का यह क्षेत्र जड़ी बूटियों की खान है। ऐसे दुर्लभ वातावरण में बहुत से औषधी पनपती है। इसलिए तर्क के हिसाब से इस बात को सार्थकता दी जा सकती है। बिसुरीताल काफी ऊंचाई पर होने के कारण इसके झील में जलीय जीव जैसे मछलियां देखने को नहीं मिलती। वहीं इसका पानी छिछला भी है। जिसे पूरा साफ भी नहीं कहा जा सकता। मगर इतनी ऊंचाई पर मौजूद पक्षियां इसके पानी में स्नान करती हुई दिख जायँगी।

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बिसुरीताल नाम के पीछे का तर्क | The reasoning behind the name Bisurital

 

उत्तराखंड की लोकभाषा में एक शब्द है “बिसरी।” जिसका उच्चारण अलग-अलग क्षेत्रों में अलग-अलग तरह से किया जाता है। जैसे बिसुरी, बसरी आदि मगर इसका शाब्दिक अर्थ एक है “भूल जाना” या “भूला हुआ” और ताल का अर्थ है झील या तालाब। प्रकृति में मनुष्य की पहुँच से  इस झील के बहुत दूर होने के कारण इसका नाम शायद बिसुरीताल दिया जा सकता है।  हालाँकि यह तर्क स्थानीय नजर से भी सही बैठता है। मगर  इस नाम के पीछे की क्या कहानी है ? अन्य तर्क क्या हैं? इसका अब भी कोई प्रमाण नहीं है। क्यूंकि यह ताल बहुत दुर्लभ है अतः इसके बारे में अभी भी बहुत सी जानकारियों का अभाव है।

 

कैसे पहुंचे बिसुरीताल ? | How to reach Bisurital

 

  •  ऋषिकेश से चोपता (190 किमी ड्राइव)
  •  चोपता से चित्रा गुफ़ा (चित्रे गुम्फा) (15 किमी ट्रेक)
  •  चित्रा गुफ़ा से बिसुरीताल (15 किमी ट्रेक)
  • बिसुरीताल से आकाश गामिनी नदी  (15 किमी ट्रेक)
  •  आकाश गामिनी को चोपता (15 किमी ट्रेक)
  • चोपता से ऋषिकेश (190 किमी ड्राइव)

बिसुरीताल जाने के लिए सबसे पहले आपको ट्रेन से देहरादून या ऋषिकेश पहुंचना होगा।   देहरादून से रुद्रप्रयाग या ऋषिकेश से रुद्रप्रयाग पहुंचना होगा। फिर रुद्रप्रयाग से चोपता जाना होगा। जैसे की ऊपर बताया गया है बिसुरीताल के लिए दो ट्रेक हैं एक चोपता तुंगनाथ से और दूसरा देवरिया ताल, रोहणी बुग्याल से जो सारी गावं से होकर जाता है।  हालाँकि इन दोनों ट्रेक की दूरी 30 किमी ही है।  इस ट्रेक के जुड़ने के कारण आप देवरियाताल से तुंगनाथ या तुंगनाथ से देवरियाताल भी जा सकते हैं।

 

बिसुरीताल ट्रेक के लिए अच्छा समय | Best Time for BisuriTal Trek

बिसुरीताल जाने का सबसे अच्छा समय मार्च से दिसंबर बीच है। जब चोपता में बर्फ़बारी ना हो।  वैसे तो बिसुरी ताल में मौसम साफ रहता है, मगर बर्फ़बारी के समय मौसम बईमान हो जाता है और इस वक़्त यात्रा करना इस ट्रेक को खतरनाक बना देता है।


 

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About the author

Deepak Bisht

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